
फतहनगर। नगर के प्रमुख मंदिर द्वारिकाधीश मंदिर में श्रावण मास के हिण्डोलने का मनोरथ शुरू हो गया है। आज प्रथम दिवस फल व पत्तियों से सज्जित विशिष्ट हिण्डोलने में झुलाने का मनोरथ आयोजित किया गया।
सावन मास में द्वारकाधीश की पूजा और आराधना का विशेष महत्व है। इस माह में भगवान कृष्ण की पूजा के साथ-साथ हिंडोलना मनोरथ का भी आयोजन किया जाता है। हिंडोलना मनोरथ के तहत झूले में ठाकुरजी को नवनीत प्रियाजी के संग बिठाया गया तथा उन्हें झुलाया गया। इस मंदिर में यह आयोजन कजली तहज तक चलेगा। इस दौरान भक्तगणों का अना जाना लगा रहा तथा हिण्डोलना मनोरथ के दर्शन कर प्रभु प्रसाद ग्रहण करते रहे। मंदिर के पुजारी सत्यनारायण पालीवाल एवं कमल नयन पालीवाल ने ठाकुरजी को झाुलाकर सेवा अर्पित की। हिंडोलना मनोरथ में श्रृंगार एक महत्वपूर्ण भाग रहा जिसमें ठाकुरजी और नवनीत प्रियाजी को विभिन्न प्रकार के श्रृंगार से सजाया गया। भगवान को नए वस्त्र पहनाए गए। श्रृंगार में भगवान कृष्ण को पीतांबर और नवनीत प्रियाजी को हरे रंग के वस्त्र पहनाए गए। उनके गले में फूलों की माला एवं हाथों में वंशी के अलावा श्रृंगार में मुकुट, कुंडल, और नूपुर सहित विभिन्न प्रकार के आभूषणों का भी उपयोग किया गया। कजली तीज तक चलने वाले इस आयोजन के दौरान रोजाना भक्तगणों को भांति-भांति के मनोहारी मनोरथ का दर्शन करने का सौभाग्य मिलेगा।