उदयपुर। भाजपा के वरिष्ठ नेता,पूर्व विधायक धर्मनारायण जोशी ने मेवाड़ राजपरिवार के वरिष्ठतम् सदस्य अरविन्दसिंह मेवाड़ के देवलोकगमन पर शोक व्यक्त किया है। जोशी ने कहा है कि विभिन्न अवसरों पर आपका व आपके पिताश्री महाराणा भगवतसिंह जी का सानिध्य मिला। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के वरिष्ठ प्रचारक मा. लक्ष्मणसिंह जी शेखावत (भैय्याजी) के प्रयासों से महाराणा भगवतसिंह जी व संघ के द्वितीय सरसंघचालक श्री गुरुजी की भेंट हुई और और वे 1964 में विश्व हिन्द परिषद् में जुड़ गये और 1969 में विहिप के अंतर्राष्ट्रीय अध्यक्ष बने। महाराणा भगवतसिंह जी विहिप व संघ की पद्धति में इतने समरस हो गये कि उन्होनें 1965 में अहमदाबाद में विश्व हिन्दू परिषद् के एक आयोजन में सामान्य व्यक्ति की तरह सादी दरी पट्टी पर बैठकर पंगत में पत्तल में भोजन किया। 1984 में जब महाराणा साहब भगवतसिंह जी का देवलोकगमन हुआ तो वरिष्ठ प्रचारक भैय्याजी लक्ष्मणसिंह जी का संदेश मिला- मै दाह संस्कार में सम्मिलित होने आ रहा हूं, उदयपुर राजमहल में निवेदन करें, मैं दूर से सडक मार्ग से आ रहा हूं, महाराणा साहब के अंतिम दर्शन करना चाहता हूं, संभव हो सके ,तो प्रतीक्षा करे। मैं और उदयपुर में संघ के तत्कालीन नगर प्रचारक अरुणकांत जी यह संदेश लेकर राजमहल गये और महाराज कुमार अरविन्द सिंह से भैय्याजी का संदेश निवेदन किया। उन्होनें हमारा निवेदन स्वीकार किया, मा. भैय्याजी लगभग पौने दो घंटे विलंब से पहूच सके, तब तक उनकी प्रतीक्षा की।
जोशी ने बताया कि सन् 2003 में मेरी पुत्री ऋचानारायण जोशी का विवाह था, मैं निमंत्रण पत्र लेकर राज महल गया और अरविन्द सिंह जी मेवाड़ को निमंत्रित किया। आपने निमंत्रण पत्र देखकर अपने सहायक को दे दिया। फिर मैने जब आग्रहपूर्वक निवेदन किया तो आपने कार्ड वापस मंगवाया, उस पर कुछ लिखा और अपने सहयोगी से कहा विवाह कहां पर लोकेशन समझ कर तारीख नोट कर लेना, जोशीजी के यहां अपने को चलना है। आप मुझ जैसे सामान्य व्यक्ति की पुत्री के विवाह में महावीर विद्या मंदिर सेक्टर 13 के परिसर में पधारे और वर वधु को आशीर्वाद प्रदान किया। आपकी स्मृति सदैव रहेगी।
धर्मनारायण जोशी
पूर्व विधायक
पूर्व अध्यक्ष, राजस्थान राज्य क्रीडा परिषद्
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